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बुधवार, 14 नवंबर 2012

on children 's day today ... ...माँ का अपने बेटे के लिए पत्र


on children 's day today ... ...माँ का अपने बेटे के लिए पत्र 

एक पत्र बेटे के नाम 

मेरे बेटे ......
बंद पलके जब उठाती हूँ तो तू ही नज़र आता है मुझे
दिन में हर वक़्त हर पल तू याद आता है मुझे
कैसे तुझे अपने पास बुलाऊं या खुद आ जाऊं
ये बिलकुल भी समझ न आये मुझे
तुझे खुद से दूर करने की तमन्ना न थी
तेरी ज़िन्दगी संवर जाए ये बस उम्मीद है मुझे
तेरी हर इच्छा पूरी हो हर सपने का आगाज़ हो
तेरी हर नेक मुराद पर यकीन है मुझे
कठिन राह पे चलते ,मंजिल पाना है भी मुश्किल
फिर भी जीत जाओगे ,लक्ष्य अपना पाओगे
ये खुदा से दुआ है मेरी और विश्वास है मुझे
तुम हमेशा सलामत रहो ,खुश रहो
नेक कर्म और परिश्रम बस करते रहो
ये ही बस तुमसे जुडी ख़वाइश है मुझे .....
तुम्हारी माँ 



7 टिप्‍पणियां:

  1. तेरी हर नेक मुराद पर यकीन है मुझे
    कठिन राह पे चलते ,मंजिल पाना है भी मुश्किल
    फिर भी जीत जाओगे ,लक्ष्य अपना पाओगे
    मां के मन से निकली सच्‍ची दुआ

    उत्तर देंहटाएं
  2. तुम हमेशा सलामत रहो ,खुश रहो
    नेक कर्म और परिश्रम बस करते रहो
    ये ही बस तुमसे जुडी ख़वाइश है मुझे .....
    माँ की पवित्र मन से निकली सच्ची दुआ.....

    उत्तर देंहटाएं
  3. भाई दूज की शुभकामनायें ।
    श्रीकृष्ण ने कर दिया, माँ का ऊँचा भाल।
    सेवा करके गाय की, कहलाये गोपाल।

    उत्तर देंहटाएं
  4. अत्यंत मार्मिक प्रस्तुति है
    माँ की ममता सदैव अपने बेटों की शुभकामना के लिए ही जीती है|

    तुम हमेशा सलामत रहो ,खुश रहो
    नेक कर्म और परिश्रम बस करते रहो
    ये ही बस तुमसे जुडी ख़वाइश है मुझे .....
    तुम्हारी माँ
    बाल दिवस पर अच्छी प्रस्तुति है
    आदरणीय रश्मि तारिका जी हार्दिक बधाई

    उत्तर देंहटाएं
  5. आप सब का तहे दिल से शुक्रिया ...अपनी भावनाओं को ही शब्दों का रूप देती हूँ..बेटे का नाम पत्र हकीकत का रूप है जो मैंने अपने दूर बैठे बेटे को लिखा है !उससे दूरी बेशक असहनीय है पर उसके भविष्य के लिए ज़रूरी भी है !आप सब की कविता के साथ साथ बेटे के भविष्य के लिए शुभ कामनाएं चाहती हूँ!..

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