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गुरुवार, 29 मार्च 2012

जिकर करण के लायक नहीं और चुप रहया ना जावै....

                  हरयाणवी रागनी
जिकर करण के लायक नहीं और चुप रहया ना जावै,
जितना मै चुप रहणा चाहूँ यो रंज जिगर नै खावै!

धोखा और लालच आजकल बेहवै सै नस-नस मै,
करते बखत(1) ना ख्याल करै के कर रहये हम आपस मै,                 (1)-समय
जिब(2) बस मै बात ना आती दिक्खै तो जान तक लेणा  चाहवै,                  (2)-जब
लुच्चे माणस(3) उच्चे हो रहये साच्चो नै दबावै!                                      (3)-आदमी

सिधा माणस मरया  चौगर्दै(1) तै रो रहया अपणे करम,                    (1)-हर तरफ से
तन कर राख्या बज्र का पर भित्तर(2) तो वो सै नरम,                          (2)-अन्दर
भाई शर्म-शर्म मै सारया लुटग्या और कैह्ता सरमावै,
थोथा चणा बज रहया घणा असल ना टोहया(3) पावै!                              (3)-ढूँढने से

जग मै साफ़ घर मै दागी काम आजकल ऐसा होया,
ईमान और धरम-करम तो बस बात्या(1) का होया,                                   (1)-बातो
रोया बुगले वाले आंसू और साथ  वो सबका चाहवै,
नाड़(2) काट ले टूक खोस ले पर सुद्धा कहलावै !                                        (2)-गर्दन

दो घडी ईमान गेर कै जब जिया जावै सुख मै,
इमानदारी की राह पै फेर क्यों जीवै जिंदगी दुख़ मै,
इसी रूख(1) मै सबकी सोच ना इस गड्ढे तै बहार आवै,                     (1)-इसी ओर
सोच सबकी वैसी ही होई अन्न वे जैसा खावै! 

धोखा आज करया हमनै कल होग्या यो म्हारे साथ,
 दो आन्ने  की पतीली और दिख जात्ती कुत्ते की जात,
बात सुन कै ही समझ ल्यो ना तो भुगते पाच्छै आवै,
आवाज ना सुर-साज और हरदीप फेर भी गाणा चाहवै!

जय हिन्द,जय श्रीराम,
कुंवर जी,

15 टिप्‍पणियां:

  1. वाह भाई कुंवर जी कमाल की रागणी रची। जीईईईईईसा आ ग्या।

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  2. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  3. raam raam ji bhai sahab,
    aapka swagat hai ji yaha bhi,aur aapki is baat par amal jarur kiya jayega ki "yaha par jyada post haryanvi me hi ho....."

    aapke protsaahan ke liye koti-koti dhanyawaad hai ji..

    kunwar ji

    उत्तर देंहटाएं
  4. बात सुन कै ही समझ ल्यो ना तो भुगते पाच्छै आवै,
    आवाज ना सुर-साज और हरदीप फेर भी गाणा चाहवै!

    ...........वाह कुंवर जी बहुत पसंद आया
    मैं ब्लॉग जगत में नया हूँ मेरा मार्ग दर्शन करे
    http://rajkumarchuhan.blogspot.in

    उत्तर देंहटाएं
  5. आदरणीय कुंवर जी
    सादर प्रणाम
    म्हारा हरियाणा ब्लॉग पर आपका स्वागत है | आपके शानदार तरीके से आगाज किया है | इसी तरह से अपनी भागेदारी बनाए रखिए | हरियाणा के अन्य ब्लोगरों को जोड़ने के लिए उनके ईमेल पते मुझ तक पहुंचाइए ताकि हम हरियाणा के सभी ब्लोगरों को एक मंच पर इकट्ठा कर सकें | अपनी पोस्ट के साथ अपने जिले का नाम जोड़ें जिससे पहचान सुनिश्चित हो सके |
    सहयोग के लिए आभार |
    दिलबाग विर्क

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  6. म्हारा हरियाणा ब्लॉग पर आपका स्वागत है |

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत अच्छी प्रस्तुति!
    इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!
    --
    अन्तर्राष्ट्रीय मूर्खता दिवस की अग्रिम बधायी स्वीकार करें!

    उत्तर देंहटाएं
  8. good EVENING and ALWAYS HAVE A NICE TIME
    MY BEST WISHES TO ALL OF YOU .
    EACH AND EVERY NEW THING KEEPS FRAGERENCE
    AND SWEETNESS .WE SHOULD CONTINEU IT WITH RIGHT WAY.
    ONCE AGAINMOST WELL COME.

    उत्तर देंहटाएं
  9. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

    उत्तर देंहटाएं
  10. राग कुंवर जी पसंद आयो स .

    veerubhai1947@gmail.com

    09350986685/

    उत्तर देंहटाएं
  11. aap sabhi ka swagat hai... protsaahan ke liye aabhaar!

    kunwar ji,

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  12. जिकर करण के लायक नहीं और चुप रहया ना जावै,
    जितना मै चुप रहणा चाहूँ यो रंज जिगर नै खावै!

    वाह भाई ..घनी जोर की बात कह दी
    सांचे का तो हर ओड़ मरण ही मरण है

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